Skip to main content

Happy Independence day for all Indian

 Written by :  Rohit Maurya 

My love for my nation is boundless. My love for my people is endless. All I desire for my country is happiness. Let me be the first person to wish you a special Happy Independence Day! 

राष्ट्रीय गान 
जन गण मन
जन गण मन अधिनायक जय हे

भारत भाग्य विधाता
पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा
द्राविड़ उत्कल बंग
विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा
उच्छल जलधि तरंग
तव शुभ नामे जागे
तव शुभ आशिष मागे
गाहे तव जय गाथा
जन गण मंगल दायक जय हे
भारत भाग्य विधाता
जय हे जय हे जय हे
जय जय जय जय हे
 


Jai Hind Jai Bharat
Vande matram

Comments

Popular posts from this blog

ये थी देश की प्रथम शिक्षित महिला, जिसने 100 साल पहले ही खोल दिए थे 18 महिला स्‍कूल..! उपासना बेहार

लेखक : रोहित मौर्य  अगर सावित्रीबाई फुले को प्रथम महिला शिक्षिका, प्रथम शिक्षाविद् और महिलाओं की मुक्तिदाता कहें तो कोई भी अतिशयोक्ति नही होगी, वो कवयित्री, अध्यापिका, समाजसेविका थीं। सावित्रीबाई फुले बाधाओं के बावजूद स्त्रियों को शिक्षा दिलाने के अपने संघर्ष में बिना धैर्य खोये और आत्मविश्वास के साथ डटी रहीं।  सावित्रीबाई फुले ने अपने पति ज्योतिबा के साथ मिलकर उन्नीसवीं सदी में स्त्रियों के अधिकारों, शिक्षा छुआछूत, सतीप्रथा, बाल-विवाह तथा विधवा-विवाह जैसी कुरीतियां और समाज में व्याप्त अंधविश्वास, रूढ़ियों के विरुद्ध संघर्ष किया। ज्योतिबा उनके मार्गदर्शन, संरक्षक, गुरु, प्रेरणा स्रोत तो थे, ही पर जब तक वो जीवित रहे सावित्रीबाई का होसला बढ़ाते रहे और किसी की परवाह ना करते हुए आगे बढने की प्रेरणा देते रहे। सावित्रीबाई का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव नामक छोटे से गांव में हुआ था, 9 साल की अल्पआयु में उनकी शादी पूना के ज्योतिबा फुले के साथ किया गया। विवाह के समय सावित्री बाई फुले की कोई स्कूली शिक्षा नहीं हुई थी वहीं ज्योतिबा फुले तीसरी कक्षा तक शिक...

समाज सेवक नौशाद‌ खांन

फार्मेसी व समहावा के क्षेत्र में जनपद का नाम रोशन कर रहे है युवा समाजसेवी डॉ. नौशाद खाँन  वह खुद ही जान जाते है बलन्दी आसमानो की , परिन्दों को नही तालीम दी जाती उड़ानों की ,, किसी मशहूर शायर द्वारा कहा गया यह शेर मौजूदा समय में इस युवा समाजसेवी पर बिलकुल सटीक बैठता है जो बचपन से ही परिवार द्वारा की जा रही समाजसेवा के कार्यो को देखकर बड़ा हुआ और अब बड़े होकर परिवार की उसी जिम्मेदारी को अपने कन्धों पर उठाने का प्रयास कर रहा है। कम समय मे ही समाजसेवा के उत्कृष्ट कार्यो को करके जहाँ जनपद वासियो की मदद करने का काम यह युवा द्वारा किया जा रहा है वही अब इस युवा समाजसेवी ने जनपद गोण्डा  के साथ ही पूरे प्रदेश में गोण्डा का नाम रोशन किया है जिसपर पूरे गोण्डा वासियो को गर्व है।