Skip to main content

जाने सम्राट अशोक का शासन काल कैसा था

Written by : rohit maurya
आज से लगभग 2000 वर्ष पहले ये देश एक सत्य अहिंसा के रास्ते पर चलने वाला यह भारत देश विश्व गुरु हुआ करता था ।
मौर्य साम्राज्य के तीसरे शासक महान चक्रवर्ती  सम्राट अशोक के शासन काल में  (ये तो लोग केवल कल्पना करते  देव भूमि )
 पर सम्राट अशोक का शासनकाल ही देवभूमि था ।
 सब समता समानता के संबाहक थे । ना कोई ऊंच था ना कोई नीच था , एक ही तरह का सम्मान सब को दिया जाता था ।
उनके शासन काल में केवल मनुष्य ही नही वरन पूरी वशुधा , जीव , जंतु , पशु ,पक्षी सब एक खुशहाल जीवन व्यतीत करते थे ।























Friends If you like this post 📯 kindly comment below the post and do share your response . Thank you for reading ™

Comments

Popular posts from this blog

ये थी देश की प्रथम शिक्षित महिला, जिसने 100 साल पहले ही खोल दिए थे 18 महिला स्‍कूल..! उपासना बेहार

लेखक : रोहित मौर्य  अगर सावित्रीबाई फुले को प्रथम महिला शिक्षिका, प्रथम शिक्षाविद् और महिलाओं की मुक्तिदाता कहें तो कोई भी अतिशयोक्ति नही होगी, वो कवयित्री, अध्यापिका, समाजसेविका थीं। सावित्रीबाई फुले बाधाओं के बावजूद स्त्रियों को शिक्षा दिलाने के अपने संघर्ष में बिना धैर्य खोये और आत्मविश्वास के साथ डटी रहीं।  सावित्रीबाई फुले ने अपने पति ज्योतिबा के साथ मिलकर उन्नीसवीं सदी में स्त्रियों के अधिकारों, शिक्षा छुआछूत, सतीप्रथा, बाल-विवाह तथा विधवा-विवाह जैसी कुरीतियां और समाज में व्याप्त अंधविश्वास, रूढ़ियों के विरुद्ध संघर्ष किया। ज्योतिबा उनके मार्गदर्शन, संरक्षक, गुरु, प्रेरणा स्रोत तो थे, ही पर जब तक वो जीवित रहे सावित्रीबाई का होसला बढ़ाते रहे और किसी की परवाह ना करते हुए आगे बढने की प्रेरणा देते रहे। सावित्रीबाई का जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव नामक छोटे से गांव में हुआ था, 9 साल की अल्पआयु में उनकी शादी पूना के ज्योतिबा फुले के साथ किया गया। विवाह के समय सावित्री बाई फुले की कोई स्कूली शिक्षा नहीं हुई थी वहीं ज्योतिबा फुले तीसरी कक्षा तक शिक...

राम नाम की जय जय कार करने वाले लोग जरूर सुने

 Written by Rohit Maurya भारत का इतिहास कौन भूल सकता है (जैसे विक्रमादित्य के दरबार में कालिदास राज्य कवि थे और उन्होंने विक्रमादित्य को सामने रख कर काव्य लिखा) ऐसे ही पुष्यमित्रशुंग के दरबार में बाल्यमिकी राज्य कवि थे , और बाल्यामिकी ने पुष्यमित्रशुंग को सामने रख कर रामायण लिखा। राम कौन था ?  मौर्य साम्राज्य के दसवे शासक (brihadratha maurya)  का धोखे से हत्या करने वाला  पुष्यमित्रशुंग ही बना । और राम दसरथ का पुत्र भी नही था , वो श्रृंगऋषि का पुत्र था l ऐसा रामायण में भी लिखा गया है । दसरथ निपुत्र थे और  उनको संतान प्राप्त किया गया तो बायोलॉजिकली राम श्रृंगऋषि का पुत्र था । और राम कौन था सम्राट (brihadratha maurya) का हत्यारा था । और जब उसने ( brihadratha maurya) का हत्या किया तो वो पटना से भाग कर वाराणसी और वहां से भागा तो फैजाबाद में है और फैजाबाद के पास में जो 7 किलोमीटर का एरिया था उसने वहां अपना राजधानी बनाया अपना राज्य बनाया जिसका नाम अयोध्या रखा । अयोध्या नाम क्यों रखा ? और क्यों अयोध्या कहा जाता है? जिस राज्य को बिना युद्ध के जीता गया हो या बनाया गया उस ...

समाज सेवक नौशाद‌ खांन

फार्मेसी व समहावा के क्षेत्र में जनपद का नाम रोशन कर रहे है युवा समाजसेवी डॉ. नौशाद खाँन  वह खुद ही जान जाते है बलन्दी आसमानो की , परिन्दों को नही तालीम दी जाती उड़ानों की ,, किसी मशहूर शायर द्वारा कहा गया यह शेर मौजूदा समय में इस युवा समाजसेवी पर बिलकुल सटीक बैठता है जो बचपन से ही परिवार द्वारा की जा रही समाजसेवा के कार्यो को देखकर बड़ा हुआ और अब बड़े होकर परिवार की उसी जिम्मेदारी को अपने कन्धों पर उठाने का प्रयास कर रहा है। कम समय मे ही समाजसेवा के उत्कृष्ट कार्यो को करके जहाँ जनपद वासियो की मदद करने का काम यह युवा द्वारा किया जा रहा है वही अब इस युवा समाजसेवी ने जनपद गोण्डा  के साथ ही पूरे प्रदेश में गोण्डा का नाम रोशन किया है जिसपर पूरे गोण्डा वासियो को गर्व है।