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राम नाम की जय जय कार करने वाले लोग जरूर सुने


 Written by Rohit Maurya

भारत का इतिहास कौन भूल सकता है

(जैसे विक्रमादित्य के दरबार में कालिदास राज्य कवि थे और उन्होंने विक्रमादित्य को सामने रख कर काव्य लिखा) ऐसे ही पुष्यमित्रशुंग के दरबार में बाल्यमिकी राज्य कवि थे , और बाल्यामिकी ने पुष्यमित्रशुंग को सामने रख कर रामायण लिखा।

राम कौन था ? 

मौर्य साम्राज्य के दसवे शासक (brihadratha maurya)

 का धोखे से हत्या करने वाला  पुष्यमित्रशुंग ही बना ।

और राम दसरथ का पुत्र भी नही था , वो श्रृंगऋषि का पुत्र था l

ऐसा रामायण में भी लिखा गया है । दसरथ निपुत्र थे और 

उनको संतान प्राप्त किया गया तो बायोलॉजिकली राम श्रृंगऋषि का पुत्र था ।

और राम कौन था सम्राट (brihadratha maurya) का हत्यारा था ।

और जब उसने ( brihadratha maurya) का हत्या किया तो वो पटना से भाग कर वाराणसी और वहां से भागा तो फैजाबाद में है और फैजाबाद के पास में जो 7 किलोमीटर का एरिया था उसने वहां अपना राजधानी बनाया अपना राज्य बनाया जिसका नाम अयोध्या रखा ।



अयोध्या नाम क्यों रखा ? और क्यों अयोध्या कहा जाता है?

जिस राज्य को बिना युद्ध के जीता गया हो या बनाया गया उस राज्य को अयोध्या का जाता है और उसने वाराणसी से भागकर जब फैजाबाद पहुंचा तो वहां साकेत का पूरा एरिया बिना युद्ध से जीता और वहां अपना राज्य बनाया जिसे आज अयोध्या कहा जाता है।

और वो यहीं नहीं रुका उसने बुद्ध भिक्षुओं का हत्या कराने लगा उसने एलान किया की जो व्यक्ति एक भिछू का गला काट कर लाएगा उसे एक सोने का सिक्का इनाम में दिया जायेगा ।

और उसके ऐसा न जाने कितने भिक्षुओं का गला कटवा कर उसने  नदी में डलवा दिया और 3 . 5 किलोमीटर लंबा नदी पूरा कटे सर से भर दिया इसलिए उस नदी का नाम सरयू रखा गया।


यही वो नदी है जिसके आगे और पीछे घागरा नदी है और 3 .5 किलोमीटर लंबा बीच में सरयू है ।

और यही से इस भारत का इतिहास मिटाया जाने लगा ।

जो देव भूमि विश्व गुरु कहा जाता था उस भारत का विनाश होने लगा ।

और जहा सत्य अहिंसा के मार्ग पर चल कर भारत के मूल निवासी अपना जीवन खुशाली से जी रहे है थे , वही उनके जीवन में  पाखंड फैला कर और उन्हे मानसिक और शारीरिक रूप से  बिगड़ दिया गया ।

और तभी से ये देश देवी देवताओं का देश हो गया ।

और एक भाई को दूसरे भाई से अलग कर दिया गया 606 जातियों में विभाजन कर दिया गया ।

जहा समता समानता के संबाहक थे सब वही उन्हे ऊंच ,नीच का भेद भाव पैदा कर दिया गया । किसी को अछूत और किसी को भगवान बना दिया गया । 

जहा संकृत वहा विकृति बना दिया गया ।

एक दूसरे की रोटी छीन कर खाने वाला देश बना दिया गया ।


निर्देश ! अपने  जीवन को समझो ।

पाखंड में मत जाओ ।

अपने आप को अंधकार में जाने दो ।

ये जीवन एक प्रकृति का देन है ।

मानव का एक ही धर्म है वो है सत्य अहिंसा। 

सत्य की पहेचान करो ।

अपने व्यर्थ जीवन ना जियो ।

अपने सही इतिहास को जानो । 

मानव मानव एक समान बनो।

किसी भी देवी देवता के पूजा करने से आप का जीवन नही बदले गा  अगर आप को भूख लगी है तो आप को ही उसका बंधोबस्त करना होगा ।

आप की भाग्य रेखा आप के हाथ के लकीरों पर निर्भर नही करना आप के कर्म पर निर्भर करता है ।


आप को पसंद आए इसलिए इस बात को नही बताया जा रहा है , बल्कि ये बात सत्य है और आप को सत्य को समझना होगा और दूसरो को बताना होगा ।

मैंने अपना कर्म किया आप अपना करो नही तो एक दिन इस देश में आप को लुटा जायेगा वो मानसिक रूप से हो या शारीरिक रूप से ।

और देश को बर्बाद किया जाएगा और आप के जीने का हक छीना जायेगा ।


अगर पसंद आए तो जरूर बताए ।

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